मौन

दिल की बात कह देना , चैन से सो जाना

अच्छा होता है लेकिन कितना मुश्किल भी तो होता है !

उसने पहली बार मुझसे कहा था

मेरा हाथ लेकर दिल पर भी रखा था कि

तुम सा साथी मिल जाए तो जीवन संवर जाए ।

मेरा दिल एक बार को धड़का ज़रुर था

लेकिन उसने मुझसे कहा तो कुछ भी नही था ,

मेरा मौन था , उसने समझा ये हया में लिपटा इश्क था ।

कई बार ज़ुबां ने दिल के तारों की हरक़त महसूस कर कुछ कहना चाहा

लेकिन किसी के दिल को दुखाना मुझे कब मंज़ूर था ।

ठंडी बालू पर क़दमों के निशां पड़ते रहे और हम मौन चलते रहे , चलते रहे ।

मुझे रातों में सोना था , दिल की बात खुलकर किसी से कहना था ,

दिल की बात कह देना , चैन से सो जाना

अच्छा होता है लेकिन कितना मुश्किल भी तो होता है ।

 

 

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