एक और कबीर

गोरखपुर की घटना ने देश में सभी को कहीं भीतर तक हिला दिया । उन माँओं के दर्द और रुदन से पूरा देश दहल गया ।दिल में दर्द उठा और खारा पानी गालों पर ढुलक गया । बचपन का वो दिन याद आ गया जब मेरा बुखार नही टूट रहा था और डॉक्टरों को कारण… Continue reading एक और कबीर

माँझा

जीवन में किसी – किसी की जगह ऐसी होती है कि उसका जाना दिल के कोने को ऐसा सूना कर जाता है कि वो कभी नही भरता । समय हाथ से रेत की तरह फ़िसल जाता है और हम सोचते रह जाते हैं कि काश हम ऐसा करते या काश हम ऐसा कहते…..। पर बीता… Continue reading माँझा

साँझी

रिश्तों को किसी मान्यता की आवश्यकता नही होती , वो तो दिल से दिल के होते हैं , फिर चाहे वो कोई भी रिश्ता क्यूँ न हो । आज मैं एक ऐसे ही रिश्ते की बात कर रही हूँ…..भाई – बहन के रिश्ते की ।रिश्तों में कुछ कहने सुनने की कोई जगह नही होती…..ये मैंने… Continue reading साँझी

नया कदम

ठीक से कह नही सकती कि मैंने यूँ लिखना क्यूँ पसंद किया । शायद अपनी इस तलाश के सफ़र में एक और पन्ना खोल दिया । अपने आस पास घट रहे जीवन के कुछ पलों को अपनों से बाँटने की चाह में ये कदम उठाया । कुछ ऐसे भी साधारण लोग होते हैं कि उनके… Continue reading नया कदम